जागरण संवाददाता, फर्रुखाबाद : संक्रमण को मात देने के लिए लोग कोविड सेंटरों पर वैक्सीनेशन कराने के लिए पहुंच रहे हैं। सोमवार को फतेहगढ़ स्थित कोविड सेंटर पर वैक्सीन खत्म होने पर लोगों ने हंगामा कर दिया। कुछ लोग गालीगलौज करने लगे। मामला मारपीट तक आता, इससे पहले पुलिस को बुला ली गई। कोरोना का हमला जहां तेज हो रहा है, वहीं टीकाकरण कराने के लिए लोगों की भीड़ भी बढ़ने लगी है। सोमवार को फतेहगढ़ स्थित आयुर्वेदिक कार्यालय के सामने बनाए गए कोविड सेंटर पर लोग वैक्सीन लगवाने पहुंचे। यहां पर वैक्सीन खत्म होने पर लोग हंगामा करने लगे। मामला बढ़ने पर चिकित्साधिकारी डॉ. ब्रजेश मिश्रा ने सीओ सिटी को जानकारी दी। इसके बाद कोतवाली प्रभारी पुलिस बल लेकर मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाकर शांत किया। चिकित्साधिकारी ने बताया कि कोवैक्शीन 15 वायल थीं। 150 लोगों को लगा दी गई। इसके बाद भीड़ आ गई। फार्मासिस्ट रेखा और उत्तम सचान की तबीयत खराब होने पर वह नहीं आ रहे हैं। स्टाफ की कमी है। रजिस्ट्रेशन होने में समय लगता है। इसलिए लोग हंगामा करने लगे। बाद में उन्होंने पांच वायल और मंगवाई। तीन वायल में 30 लोगों का टीकाकरण कर दिया गया। दो वायल शेष रह गई हैं। वहीं सिविल अस्पताल लिजीगंज में कर्मचारियों के बार-बार कार्यालय से जाने पर अव्यवस्था हो गई। टीकाकरण कराने आए लोगों को परेशान होना पड़ा। उधर लोहिया महिला अस्पताल में सर्वर फेल होने से देरी से वैक्सीनेशन शुरू हो सका। लोगों को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. प्रभात वर्मा ने बताया कि जनपद में 44 कोविड बूथों पर 1528 लोगों का टीकाकरण किया गया। इनमें 287 लोगों ने पहली और 1235 लोगों ने दूसरी डोज लगवाई। तीन-तीन स्वास्थ्य कर्मी और फ्रंट लाइन वर्कर्स ने टीकाकरण कराया। सीएचसी मोहम्मदाबाद में टीकाकरण के बाद नौ लोगों की हालत बिगड़ गई। हालांकि बाद हालत में सुधार आने पर उन्हें घर भेज दिया गया।
जागरण संवाददाता, फर्रुखाबाद : कोविड की लड़ाई में सरकार के आदेश पर शहर में विशेष संचारी रोग अभियान चल रहा है। जिसके तहत नगर पालिका ने पूरी ताकत शहर में सैनिटाइजेशन, गलियों व नालियों की सफाई में लगा रखी है। इसी के चलते मानसून आने से पहले होने वाली नालों की सफाई का काम पिछड़ गया है। शहर के अधिकांश नाले कूड़े से पटे पड़े हैं। जिससे बारिश होने पर जलभराव होने की आशंका है। गत सप्ताह हुई बारिश के दौरान शहर के दर्जनों मोहल्लों में जलभराव हो गया था। नाले चोक होने के कारण पानी की निकासी नहीं हो पाई और लोगों को घंटों परेशान होना पड़ा। नगर पालिका हर वर्ष अप्रैल व मई में नालों की सफाई का अभियान चलाती थी, लेकिन इस बार कोरोना से जंग में नगर पालिका के कर्मचारियों को अन्य कामों में लगाया गया है। सड़कों व गलियों की सफाई हो रही है, सैनिटाइजेशन अभियान भी चल रहा है, लेकिन नालों की सफाई का अभियान धीमा पड़ गया। मोहल्ला तलैया फजल इमाम में नाला चोक होने के कारण अभी भी जलभराव है। कई मकान पानी से घिरे हैं। गिहार बस्ती लकूला होकर मसेनी की ओर जाने वाले नाले सहित अधिकांश नालों में कूड़ा भरा है। अगले माह जून के पहले सप्ताह में ही मानसून आने की संभावना जताई जा रही है। जिससे शहर में जलभराव होना तय है। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी रविद्र कुमार ने बताया कि 26 नाले चिह्नित कर लिए गए हैं। बुलडोजर व पोकलैंड मशीनें लगाकर सफाई कराई जाएगी। 20 मई तक पहले चरण की सफाई होगी। इसके बाद दूसरे चरण का सफाई अभियान चलाया जाएगा। मानसून आने तक समस्या हल कराने का पूरा प्रयास करेंगे।
संवाद सूत्र, संकिसा : गांव मुरान में जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी ने गोष्ठी में प्रधान व आशा बहुओं से गांव में कोरोना संक्रमण की स्थिति की जानकारी ली। इसके बाद जिलाधिकारी ने घर-घर दस्तक देकर परिवार के मुखिया से हालचाल लिए और मरीजों को दवा की किट वितरित की। विकास खंड मोहम्मदाबाद के गांव मुरान स्थित प्राथमिक विद्यालय में सोमवार शाम चार बजे स्वास्थ्य जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह, एसडीएम सदर अनिल कुमार व खंड विकास अधिकारी ने प्रधान व आशा बहुओं से कोरोना संक्रमण, साफ सफाई व दवा छिड़काव आदि की जानकारी ली। डीएम ने मरीजों को दवा की किट वितरण की जिम्मेदारी नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान सुमन कुमारी के पति धर्मेंद्र सिंह तथा आशा बहुओं को सौंपी। इसके बाद जिलाधिकारी ने घरों में दस्तक देकर परिवार के मुखिया से हालचाल पूछे। जिलाधिकारी ने बुखार व खांसी के मरीजों की जानकारी लेकर कोविड 19 के दवाओं की किट वितरित की। खंड विकास अधिकारी ने बताया कि प्रत्येक न्याय पंचायत में रोस्टर के हिसाब से हाइपोक्लोराइड के घोल का छिड़काव हर दरवाजे और खिड़कियों पर किया जाएगा। कुछ ग्रामीणों ने लोहिया अस्पताल और नर्सिंग होम में मरीज न देखे जाने की मौखिक शिकायत की। तहसीलदार सदर राजू कुमार, राजस्व निरीक्षक जबर सिंह, लेखपाल रवेंद्र कुमार मौर्य व सचिव अनुपम वाजपेई भी मौजूद रहे।